Tuesday, July 11, 2017

GST Impact : Real estate

जीएसटी लगने के बाद रियल स्टेट को कई तरह से करो से राहत मिली है और अब प्रॉपर्टी पर केवल 12 फ़ीसदी का टैक्स देना होगा. इस तरह से ग्राहकों को प्रॉपर्टी खरीदते समय टैक्स की गणना करना आसान हो गया है.


इससे पहले अक्सर ग्राहकों को बहुत सारे करो और शुल्कों का पता घर खरीदने के बाद पता चलता था जिससे कि उनका बजट गड़बड़ हो जाता था. किंतु अब ग्राहक अपनी प्रॉपर्टी का उचित मूल्य पहले ही तय कर पाएंगे क्योंकि प्रॉपर्टी पर लगने वाले टैक्स की गणना करना बहुत ही आसान हो गया है.
संगठित क्षेत्र के डेवलपरों और बिल्डरों को कारोबार करने में अधिक सुविधा होगी. ग्राहकों को भी कर संबंधी जानकारी पहले से ही होगी. इसलिए माना जा रहा है कि यह आजादी के बाद सबसे बड़ा कर सुधार है जिससे कि डेवलपर तथा ग्राहक दोनों का फायदा होगा.
रियल स्टेट पर अभी तक कई तरह के कर लागू थे. जिनका भुगतान डेवलपर ग्राहकों से करते थे जीएसटी लागू होने से खासतौर पर सीमेंट और स्टील जैसे मटेरियल पर करों का प्रभाव डेवलपरों के लिए कम हो जाएगा. घरों की कीमत में सीमेंट और स्टील का खर्चा काफी अहम होता है. इन उत्पादों पर 12 से 28 फ़ीसदी की दर से जीएसटी लागू होगा जो की प्रोजेक्ट की लागत को नीचे लाने में मददगार साबित होगा. जीएसटी की प्रमुख दरे निम्नवत है.

  1. लाइमस्टोन 5% 
  2. सीमेंट की इंटे 28 %  
  3. ईट 5% 
  4. फ्लाई ऐश ईट 12 % 
  5. निर्माण सेवाएं 18 % 

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